पाली में आस्था का महासंगम

पाली में आस्था का महासंगम

पाली में आस्था का महासंगम: “नानी बाई का मायरो” और महंत नरेश पुरी महाराज के सानिध्य में 25 हजार श्रद्धालुओं का प्रतिदिन भव्य भंडारा

पाली जिले के मोहरकला स्थित बालाजी मंदिर में आयोजित श्री शिव मंदिर द्वादश पटोत्सव एवं श्री इच्छाधारी बालाजी मंदिर के त्रयोदश पटोत्सव के पावन अवसर पर भक्ति, आस्था और सेवा का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। यह आयोजन श्री श्री 1008 सुरेंद्र दास जी महाराज के सानिध्य में हो रहा हैं। दिनांक 04 से 06 अप्रैल 2026 तक चल रहे इस भव्य आयोजन में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है।

इस अवसर पर आयोजित “नानी बाई का मायरो” कथा ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। सुप्रसिद्ध कथा वाचिका सुश्री अनन्या शर्मा (इंदौर) द्वारा प्रस्तुत इस कथा को सुनने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचे और भक्ति रस में डूब गए।

कार्यक्रम में मेहंदीपुर बालाजी धाम के महंत श्री श्री 1008 डॉ. नरेश पुरी जी महाराज की गरिमामयी उपस्थिति विशेष आकर्षण का केंद्र रही। महंत श्री ने विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम में सहभागिता करते हुए श्रद्धालुओं को आशीर्वाद प्रदान किया और धर्म, सेवा एवं संस्कारों के महत्व पर प्रकाश डाला।

महंत श्री के सानिध्य में एक विशाल भंडारे (महाप्रसादी) का प्रतिदिन आयोजन किया जा रहा हैं, जिसमें लगभग 25,000 श्रद्धालुओं प्रसाद ग्रहण कर रहे हैं। इस भंडारे में प्रतिदिन लगभग 10,000 साधु-संतों की उपस्थिति ने आयोजन की दिव्यता को और अधिक बढ़ा दिया।

पूरे आयोजन के दौरान कथा, भजन-कीर्तन, यज्ञ, आरती एवं विविध धार्मिक अनुष्ठानों का क्रम निरंतर जारी है। मंदिर परिसर को भव्य रूप से सजाया गया है तथा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए उत्कृष्ट व्यवस्थाएं की गई हैं।

यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बना हुआ है, बल्कि समाज में सेवा, समर्पण और सामाजिक समरसता का भी प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है।

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